ओशो क्या है ? : ओशो कौन है ?
बहुत से मित्र बार-बार पूछ रहे हैं, की ओशो क्या है ? बहुत से बोलते हैं, कि हमें और ओशो के बारे में बताओ, ओशो की पूरी जानकारी दो। मैं उनसे एक बात कहना चाहती हूं, की ओशो की पूरी जानकारी देना तो एक असंभव बात है । ओशो क्या थे ? इन बातों को अपने शब्दों में बयां करूं इतना तो सामर्थ्य नहीं है, मुझ में फिर भी एक छोटी सी कोशिश करती हूं, ओशो के बारे में बताने की, उम्मीद है कि आप समझने की कोशिश करेगें बस छोटी सी ही कोशिश है।
मित्रों
ओशो गोल्ड मेडलिस्ट हैं ।
150000 किताबों का अध्ययन किये है ।
650 किताबें उनके नाम से प्रकाशित है । बोलने पर इतना नियंत्रण था कि जो बोल दिया वही अंतिम है, वही छपता है । उन्होंने उस में कभी सुधार नहीं किया ।
"माफ़ करना" या "मेरा मतलब ये नहीं था "...आदि शब्दों का कभी भी उपयोग नहीं किया , कोई भी व्यक्ति ओशो से वाद -विवाद नही कर सका । पोप ने कभी उनका चैलेंज स्वीकार नहीं किया । ओशो को गालियां बहुत दी गयी, किन्तु अखंड विश्व में कोई भी व्यक्ति उनसे शास्त्रार्थ करने को राजी नहीं हुआ.
२१ देशों ने अपने देश में ओशो को प्रवेश नहीं दिया. उन्होंने अपने ज्ञान का झंडा विश्व में फहरा दिया किन्तु कोई भी उनके अश्वमेध के रथ को रोक नहीं पाया.ओशो विश्व के अराजित योद्धा हैं ।ओशो इतने विशाल हैं कि कोई भी धर्म या देश उन्हें आत्म सात नहीं कर सकता और फिर भी हर आदमी को लगता है ओशो मेरे ही मन की बात करते हैं।
श्री रजनीश"ओशो"फेक्टशीट
पड़ोसी मुल्क नेपाल को ओशो सिटी कहा जाने लगा है
वहाँ 65%ओशो शिष्य....दक्षिणी अमेरिका मे ....
1.5कड़ोड़ शिष्य यह 5 साल पूर्व का तथ्य है...!!
आप स्वयं समझे अभी कितनी संख्या होंगी!!!
भगवान श्री रजनीश"ओशो"फेक्टशीट"पत्रिकाएं..!!
*जर्मनी में'ओशो टाइम्स'!यू, एस, ए में'ओशो विहा"!
भारत में"ओशो वल्ड,येस ओशो,"ओशो धरा"(हिंदी/अंग्रेजी)
श्री रजनीश"ओशो" फेक्टशीट"
ओशो के हिंदी और इंग्लिश में एमपी थ्री!सीडी!
वि सी डी , और डी वी डी, ये लगभग 5500 घण्टे अंग्रेजी में तथा 4800 घण्टे हिंदी में हैं, वीडियो प्रवचन लगभग 1800 घण्टे में है मुख्यतः अंग्रेजी में तथा कुछ हिंदी में 700 पुस्तक साहित्य जगत में विपुलतम साहित्यकार का स्थान हर एक मिनट में संसार में तिन पुस्तकें बिकती हैं जिसका दावा अन्य कोई साहित्यकार नही कर सकता , 63 भाषाओँ में ओशो पुस्तकों का अनुवाद और 100 देशों से अधिक में प्रकाशन शायद ही कोई ऐसा सप्ताह हो जब किसी न किसी देश में ओशो पुस्तक को बेस्ट सेलर्स लिस्ट में स्थान न मिलता हो 300से अधिक शोधकार्य,कोरिया के स्नाकोत्तर पाठ्यक्रम में ओशो के पुस्तकें सम्मिलित पुणे व् जबलपुर विश्वविद्यालय द्वारा ओशो पीठ के निर्माण की पेशकश ओशो पुस्तकों को डिजाइन,प्रोडक्शन क्वालिटी के आधार पर भारत,जर्मनी,अमरीका व् इटली में सम्मानित की गयी भारतीय पार्लियामेंट में केवल ओशो के ही सम्पूर्ण साहित्य को स्थान दिया गया है ।
ओशो बुक्स के नाम पर 85000 प्रवचन,75000 हिंदी पुस्तकें तथा 2,40000 अंग्रेजी में पुस्तकें हैं ।
ओशो गोल्ड मेडलिस्ट हैं ।
150000 किताबों का अध्ययन किये है ।
650 किताबें उनके नाम से प्रकाशित है । बोलने पर इतना नियंत्रण था कि जो बोल दिया वही अंतिम है, वही छपता है । उन्होंने उस में कभी सुधार नहीं किया ।
"माफ़ करना" या "मेरा मतलब ये नहीं था "...आदि शब्दों का कभी भी उपयोग नहीं किया , कोई भी व्यक्ति ओशो से वाद -विवाद नही कर सका । पोप ने कभी उनका चैलेंज स्वीकार नहीं किया । ओशो को गालियां बहुत दी गयी, किन्तु अखंड विश्व में कोई भी व्यक्ति उनसे शास्त्रार्थ करने को राजी नहीं हुआ.
२१ देशों ने अपने देश में ओशो को प्रवेश नहीं दिया. उन्होंने अपने ज्ञान का झंडा विश्व में फहरा दिया किन्तु कोई भी उनके अश्वमेध के रथ को रोक नहीं पाया.ओशो विश्व के अराजित योद्धा हैं ।ओशो इतने विशाल हैं कि कोई भी धर्म या देश उन्हें आत्म सात नहीं कर सकता और फिर भी हर आदमी को लगता है ओशो मेरे ही मन की बात करते हैं।
श्री रजनीश"ओशो"फेक्टशीट
पड़ोसी मुल्क नेपाल को ओशो सिटी कहा जाने लगा है
वहाँ 65%ओशो शिष्य....दक्षिणी अमेरिका मे ....
1.5कड़ोड़ शिष्य यह 5 साल पूर्व का तथ्य है...!!
आप स्वयं समझे अभी कितनी संख्या होंगी!!!
भगवान श्री रजनीश"ओशो"फेक्टशीट"पत्रिकाएं..!!
*जर्मनी में'ओशो टाइम्स'!यू, एस, ए में'ओशो विहा"!
भारत में"ओशो वल्ड,येस ओशो,"ओशो धरा"(हिंदी/अंग्रेजी)
श्री रजनीश"ओशो" फेक्टशीट"
ओशो के हिंदी और इंग्लिश में एमपी थ्री!सीडी!
वि सी डी , और डी वी डी, ये लगभग 5500 घण्टे अंग्रेजी में तथा 4800 घण्टे हिंदी में हैं, वीडियो प्रवचन लगभग 1800 घण्टे में है मुख्यतः अंग्रेजी में तथा कुछ हिंदी में 700 पुस्तक साहित्य जगत में विपुलतम साहित्यकार का स्थान हर एक मिनट में संसार में तिन पुस्तकें बिकती हैं जिसका दावा अन्य कोई साहित्यकार नही कर सकता , 63 भाषाओँ में ओशो पुस्तकों का अनुवाद और 100 देशों से अधिक में प्रकाशन शायद ही कोई ऐसा सप्ताह हो जब किसी न किसी देश में ओशो पुस्तक को बेस्ट सेलर्स लिस्ट में स्थान न मिलता हो 300से अधिक शोधकार्य,कोरिया के स्नाकोत्तर पाठ्यक्रम में ओशो के पुस्तकें सम्मिलित पुणे व् जबलपुर विश्वविद्यालय द्वारा ओशो पीठ के निर्माण की पेशकश ओशो पुस्तकों को डिजाइन,प्रोडक्शन क्वालिटी के आधार पर भारत,जर्मनी,अमरीका व् इटली में सम्मानित की गयी भारतीय पार्लियामेंट में केवल ओशो के ही सम्पूर्ण साहित्य को स्थान दिया गया है ।
ओशो बुक्स के नाम पर 85000 प्रवचन,75000 हिंदी पुस्तकें तथा 2,40000 अंग्रेजी में पुस्तकें हैं ।

0 Comments